मंगलवार, 29 नवंबर 2011

ब्रह्मसरोवर के तट पर स्थित श्रीजयराम विद्यापीठ परिसर में विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ विद्वान ब्राह्मणों द्वारा श्रीजयराम संस्थाओं के संचालक तथा उत्तरांचल संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी के सान्निध्य में ध्वजारोहण किया गया।गीता जयंती उत्सव के लिए हुआ ध्वजारोहण गीता जयंती के लिए हुआ रामभक्त हनुमान का आह्वान


अशोक यादव 29 नवम्बर कुरुक्षेत्र






राष्ट्रीय उत्सव गीता जयंती के अवसर पर विश्वविख्यात पावन ब्रह्मसरोवर के तट पर स्थित श्रीजयराम विद्यापीठ परिसर में विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ विद्वान ब्राह्मणों द्वारा श्रीजयराम संस्थाओं के संचालक तथा उत्तरांचल संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी के सान्निध्य में ध्वजारोहण किया गया। इस अवसर पर विद्वान ब्राह्मणों द्वारा पूजा अर्चना कर जहां राम भक्त हनुमान का आह्वान किया गया वहीं हनुमान चालीसा का उच्चारण करते हुए राष्ट्रीय उत्सव गीता जयंती को निर्विघ्न आयोजित करने के लिए मंगलकामनाएं की गईं। इसके उपरान्त ब्रह्मचारियों द्वारा विद्यापीठ में श्लोकोच्चारण के साथ भगवान श्रीकृष्ण के श्रीमुख से उद्धृत हुई पावन गीता का प्रवाह किया गया।
ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने इस अवसर पर बताया कि विद्यापीठ द्वारा गीता जयंती को आम जनमानस के बीच आत्मिक भावनाओं को जोडऩे का वर्षों से प्रयास किया जा रहा है और इसी शृंखला में गीता जयंती के पावन अवसर पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों के माध्यम से पूर्ण धर्मनगरी में गीतामय वातावरण बनाने का संकल्प लिया गया। उन्होंने बताया कि 30 नवम्बर को गीता जयंती के कार्यक्रमों की शृंखला में ही प्रात: 11:30 बजे पुरानी सब्जी मंडी हनुमान मंदिर से शोभायात्रा मंत्रोच्चारण के साथ प्रारंभ होगी। इस शोभायात्रा में जहां भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे, वहीं विधिविधान के साथ यजमानों द्वारा सिर पर श्रीमद्भागवत पुराण को विद्यापीठ परिसर में आयोजित होने वाले कथा स्थल पर लाया जाएगा। इस कथा को देश के विख्यात कथावाचक कृष्णचंद शास्त्री ठाकुर ब्यासपीठ से कहेंगे। संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के लिए निकलने वाली शोभायात्रा में नगर के प्रख्यात बैंडों के अलावा अन्य राज्यों से भी बैंड शामिल होंगे। इस शोभायात्रा का नेतृत्व पवित्र कलश सिर पर धारण किए हुए महिलाएं व कन्याएं करेंगी। इसके उपरांत विद्यापीठ में 6 दिसम्बर तक चलने वाली श्रीमद्भागवत कथा का विधिवत शुभारंभ होगा।
ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने बताया गीता जयंती के अवसर पर 1 से 3 नवम्बर तक आने वाली पीढ़ी में गीता का वास्तविक ज्ञान देने के लिए 40 स्कूलों के बच्चे विद्यापीठ द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रतियोगिताओं में शामिल होंगे। जिनमें श्लोकोच्चारण, गीतापाठन, श्रीगीता व्याख्यान, श्री गीता चित्रकला एवं अन्य विभिन्न प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं को लेकर स्कूली बच्चों में भारी उत्साह है। उन्होंने बताया कि इसी शृंखला में 1 नवम्बर को विद्यापीठ परिसर में रात्रि 8 बजे विशाल हास्य कवि सम्मेलन भी करवाया जा रहा है। इस काव्य कवि सम्मेलन में मुख्यातिथि आयुक्त अनिल कुमार होंगे। कवि सम्मेलन में देश के प्रख्यात कवि जहां देश की सामाजिक समस्याओं पर कटाक्ष करेंगे वहीं वे गीता को अपने अंदाज में जनमानस के बीच प्रस्तुत करेंगे। इस हास्य कवि सम्मेलन में प्रख्यात कवि सुरेन्द्र शर्मा, अरुण जैमिनी, सीता सागर, युसुफ भारद्वाज, प्रदीप चौबे व सम्पत्त सरोज के अलावा कई अन्य कवि भी अपनी प्रतिभाओं का जौहर दिखाएंगे।
2 दिसम्बर को विद्यापीठ परिसर में मां वैष्णो देवी की पवित्र गुफा से लाई गई अखण्ड ज्योति को विद्यापीठ परिसर में निॢमत की गई पावन गुफा में तीनों भगवती पिंडियों के साथ स्थापित किया जाएगा। ब्रह्मचारी के अनुसार ज्योति की स्थापना हरियाणा के राज्यपाल जगन्नाथ पहाडिय़ा द्वारा की जाएगी। गीता जयंती के अवसर पर ही हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 4 दिसम्बर को सारादेवी चैरिटेबल ट्रस्ट के सौजन्य से गरीब कन्याओं का सामुहिक विवाह समारोह सम्पन्न करवाया जाएगा। इस सामुहिक विवाह समारोह में हरियाणा के राज्यपाल जगन्नाथ पहाडिय़ा नवदम्पत्तियों को आशीर्वाद देंगे। उल्लेखनीय है कि सारादेवी चैरीटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टियों प्रयाग चंद गोयल, रामलाल गोयल व पुरुषोत्तम गोयल द्वारा हर वर्ष यह सामुहिक विवाह समारोह श्रीजयराम संस्थाओं के संचालक ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी के सान्निध्य में सम्पन्न करवाया जाता है, जिसमें नवदम्पत्तियों को आशीर्वाद देने के लिए श्रीजयराम संस्थाओं के ट्रस्टियों के अलावा हजारों की संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु भी शामिल होते हैं। हनुमान चालिसा के साथ सम्पन्न हुए ध्वजारोहण में हरियाणा के पूर्व मंत्री देवेन्द्र शर्मा, सुशील कंसल, बीबी जिंदल, दर्शन पाहवा, एसएन गुप्ता, पंडित प्रमोद कौशिक, राजेश सिंगला, श्रवण सिंगला, केके कौशिक, ईश्वर गुप्ता, राजेन्द्र सिंघल, केके गर्ग, खैरातीलाल सिंगला, कैलाश भगत, कुलवंत सैनी, टेकचंद लोहार माजरा, विलायती राम नरूला इत्यादि सहित गीता जयंती आयोजन प्रबंध कमेटी के सदस्य भी मौजूद थे।

जिला में 2 जनवरी से खसरा रक्षक अभियान चलाया जाएगा स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सिविल सर्जन डा. टीपी नागर


अशोक यादव 29 नवम्बर कुरुक्षेत्र 
- स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिला में 2 जनवरी से खसरा रक्षक अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के बारे में जागरूक करने के लिए आज स्थानीय सैफरान होटल में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें जिला के सिविल सर्जन डा. टीपी नागर व डा. नरेश ने खसरा रक्षक अभियान के बारे में विस्तृत जानकारी दी। 
सिविल सर्जन डा. टीपी नागर ने बताया कि खसरा रक्षक अभियान के तहत सभी 9 माह से 10 वर्ष के बीच के बच्चों को खसरे से बचाव के टीके लगाए जाएंगे। खसरा रक्षक अभियान का उद्देश्य एक साथ लक्षित जनसंख्या को खसरे से सुरक्षित करना और खसरे से होने वाली मौतों की संख्या को घटाना है। खसरा रक्षक अभियान में शत-प्रतिशत बच्चों को टीके लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि खसरा रक्षक अभियान पहले प्रदेश के 6 जिलों पानीपत, सोनीपत, रोहतक, भिवानी, महेंद्रगढ़ व रेवाड़ी में 14 नवम्बर से शुरू किया गया था। अब इस अभियान के तहत जिला कुरुक्षेत्र को भी कवर किया जा रहा है। 
डा. नागर ने बताया कि लक्षित आयु वर्ग के बच्चों को अगर पहले खसरा हो चुका है, तो भी उसे टीका लगाया जाएगा। कुपोषित बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर टीका लगाना जरूरी है क्योंकि खसरा हो जाने पर एेसे बच्चों में जटिलताएं और मृत्यु का खतरा ज्यादा होता है। छोटी-मोटी बीमारियां, खांसी, जुखाम, दस्त और हल्का बुखार होने पर भी बच्चों को यह टीका जरूर लगाना चाहिए। इस अभियान के तहत सभी स्कूलों में टीकाकरण किया जाएगा। अगले दो सप्ताह में स्कूल न जाने वाले व छुटे हुए बच्चों को टीका लगाया जाएगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी एेसे गांव और क्षेत्रों के लिए भी टीका लगाने की व्यवस्था करेंगे, जहां आशा वर्कर नहीं है। 
उन्होंने बताया कि इस अभियान के पहले सप्ताह में स्कूली बच्चों को भी कवर किया जाएगा। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि वे टीकाकरण के बारे में फैली भ्रंातियों और गलत जानकारियों का निराकरण करें। बच्चों के अभिभावकों से मिलकर उन्हें अभियान में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि टीकाकरण ही खसरे से बचाव का एकमात्र उपाय है। कार्यशाला में डिप्टी सिविल सर्जन टीकाकरण डा. अनुपमा, डा. एसपी राणा, डा. अनुपमा सैनी, डा. एनके झाम्ब, डा. केके चावला, डा. मधु शर्मा, डा. आरएल आर्य, डा. योगेंद्र व मास मीडिया अधिकारी सोमनाथ उपस्थित थे।

कुरुक्षेत्र उत्सव गीता जयंती समारोह के दौरान राष्ट्रीय अवार्डी शिल्पकार अपनी शिल्प कला का हुनर प्रदर्शित करेंगे


अशोक यादव 29 नवम्बर कुरुक्षेत्र

 कुरुक्षेत्र उत्सव गीता जयंती समारोह के दौरान लगाए जाने क्राफ्ट मेले में कई राष्ट्रीय अवार्डी शिल्पकार अपनी शिल्प कला का हुनर प्रदर्शित करेंगे। शिल्प मेले के स्टालों का बीमा किया जाएगा। ब्रहमसरोवर के चारों ओर लगने वाले राष्ट्रीय सरस मेले, क्राफ्ट मेले, राज्यस्तरीय विकास प्रदर्शनी के स्टालों से पहली बार ब्रहमसरोवर का तीन चौथाई क्षेत्र कवर किया जाएगा।
जिला उपायुक्त श्री मंदीप सिंह बराड़ ने आज कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के बैठक कक्ष में पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गीता जयंती समारोह के लिए प्रशासन के सभी विभागों के अधिकारी अपने-अपने विभाग से सम्बंधित तैयारियां युद्धस्तर पर कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गीता जयंती समारोह की गहमा-गहमी व प्रचार पूरे देश में है। प्रचार-प्रसार माध्यमों के द्वारा देश के कोने-कोने में इस समारोह की गूंज है। उपायुक्त ने बताया कि गीता जयंती समारोह का उदघाटन 2 दिसम्बर को हरियाणा के राज्यपाल श्री जगन्नाथ पहाडिय़ा करेंगे जबकि समापन समारोह में मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्य अतिथि होंगे।
उपायुक्त ने बताया कि इस समारोह में आम नागरिकों के साथ-साथ सभी धार्मिक, सामाजिक संस्थाएं सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं। इस समारोह को सफल बनाने के लिए आम नागरिकों के साथ-साथ मीडिया का भी महत्वपूर्ण योगदान होगा। उपायुक्त ने बताया कि गीता जयंती को गीता के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। गीता जयंती को पिहोवा, ज्योतिसर तथा जिला जींद के पांडु पिंडारा में भी सांस्कृतिक कार्यक्रम उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र पटियाला के लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए जाएंगे।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती पारूल कुश ने बताया कि गीता जयंती के समारोह के दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए जाएंगे। पूरे मेला क्षेत्र में क्लोज़ सर्कट कैमरे लगाए जाएंगे। नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के साथ-साथ यातायात प्रबंधन के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं। इस समारोह के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए आज से ही प्रात: 8 बजे से रात के 8 बजे तक कुरुक्षेत्र शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यातायात व्यवस्था डयुटी पर 100 पुलिस कर्मियों को लगाने के साथ-साथ समारोह के लिए 500 पुलिस कर्मी लगाए गए हैं। इस दौरान राष्ट्रीय स्तर के सरस मेले के कारण रात में भी गश्त जारी रहेगी। रात की डयुटी के लिए 10 युनिट लगाई गई हैं।  8 जगह नाकेबंदी की गई है। अतिरिक्त उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने बताया कि राष्ट्रीय सरस मेले में 450 स्वयं सहायता समूहों के स्टाल लगाए जाएंगे। स्वयं सहायता समूह के तहत रिवाल्विंग फंड गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को उपलब्ध करवाया जाता है, जो स्वरोजगार के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में अच्छा प्रयास होगा। गीता जयंती के दौरान सरस मेला पहली बार लगाया जा रहा है। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अशोक बंसल ने बताया कि राज्यस्तरीय श्लाकोच्चारण और प्रश्रोत्तरी प्रतियोगिता के लिए प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को बच्चों के लिए नाम राशि भेजी गई है। सभी विश्वविद्यालयों को भी इन प्रतियोगिताओं के लिए धन दिया गया है। सभी वर्ग के बच्चे इन प्रतियोगिताओं में भाग लें, इसके लिए तीसरी से पांचवी, छठी से आठवीं, नौवीं से बाहरवीं कक्षा की तीन श्रेणियां बनाई गई हैं। ऐसा प्रयास किया गया है कि ज्यादा से ज्यादा बच्चे इन प्रतियोगिताओं में भाग ले सकें।


अशोक यादव 29 नवम्बर कुरुक्षेत्र
उपायुक्त मंदीप ङ्क्षसह बराड़ ने बताया कि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड द्वारा गीता जयन्ती का उत्सव सभी के सहयोग से वर्ष 1989 से मनाया जा रहा है। इस उत्सव के आयोजन में कुरुक्षेत्र की सभी संस्थाआें आम आदमी व आप सभी का बहुत सहयोग रहता है क्योंकि एेसे उत्सव बिना लोगों की भागीदारी के सफल नही हो सकते । गीता जयन्ती को गीता के जन्म दिवस के तौर पर मनाया जाता है । यह पर्व मार्ग शीर्ष शुक्ल पक्ष की एकादशी को आता है ।
श्री बराड़ कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के क्रान्फेंस हाल में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उहोनें कहा कि  गत वर्ष गीता-जयन्ती समारोह के समापन को अवसर पर माननीय मुख्यमन्त्री, हरियाणा द्वारा गीता जयन्ती के लिए 1 करोड़ रूप्ए के बजट आबंटन की घोषणा की गई थी। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी इस समारोह को बेहतर स्तर पर आयोजन के लिए हर सम्भव प्रयास किए जा रहे है ।
कुरुक्षेत्र उत्सव गीता-जयन्ती के समारोह से पूर्व ब्रह्मसरोवर के दोनों भागों के स्नान प्लेटफार्म सुखाकर, सफाई करवाकर इनमें ताजा पानी भरा गया है। इसके अतिरिक्त स्थानीय पुलिस के सहयोग से ट्र्ेफिक व्यवस्था के लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड द्वारा पुख्ता इन्तजाम करने का प्रयास किया गया है।
ब्रह्मसरोवर के अन्दर तथा इसके बाहर लगी सभी लाईटों को चालू कर दिया गया है । ब्रह्मसरोवर, श्रीकृष्णा संग्राहलय, ज्योतिसर, सन्नहित सरोवर पर भव्य रंग बिरंगी रोशनी की व्यव्स्था की जा रही है । उन्होंने  बताया कि क्राफ्ट मेले में गत वर्ष आग लगने की घटना को ध्यान में रखते हुए बाहर से आने वाले क्राफ्टसमैन के समान का अग्रि सुरक्षा स्कीम के अन्र्तगत बीमा करवाया जाएगा। यह कार्य आेरिएण्टल इन्श्योरेन्स कम्पनी को दिया गया है जो प्रत्येक शिल्पकार की घोषणानुसार उनके सामान का बीमा करेगी, प्रमियिम की अदायगी सम्बन्धित शिल्पकार द्वारा वहन की जाएगी ।
इस बार गीता व गीता-जयन्ती के व्यापक प्रचार प्रसार के लिए विशेष प्रबन्ध किए गए है । हरियणा के सभी जिलों में गीता श्लोकोचारण तथा प्रश्नोत्तरी की प्रतियोगिताए आयोजित करवाई गई है । छात्रों के प्रोत्साहन के लिए हरियाणा के प्रत्येक जिला शिक्षा अधिकारी को मु0 1750/- रूपए की ईनाम के रूप में तथा मु0 1000/- रूपए की राशि स्थानीय स्तर पर प्रबन्ध करने के लिए अग्रिम तोर पर भेजी गई है । इसी प्रकार कॉलेजो में  भाषण प्रतियोगिता व पेन्टिंग प्रतियोगिता का आयोजन करवाया गया है । इसके लिए हरियाणा राज्य में स्थित सभी विश्वविद्यालयों को मु0 11,300/- रूपए की राशि ईनाम के तौर पर वितरित  करने के लिए अग्रिम तौर पर भेजी गई है । प्रत्येक जिला व विश्वविद्यालय में प्रथम रहने वाले छात्रों को कुरुक्षेत्र आमन्त्रित किया गया है, जिनको राज्य स्तरीय प्रतियोगिताआें में शामिल किया जाएगा और प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को पुरूस्कार दिया जाएगा । राज्य स्तरीय प्रतियोगिताआें में शामिल होने वाले सभी छात्रों को आने जाने के किराए के अतिरिक्त उनके ठहरने व भोजन की व्यवस्था कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड द्वारा की जाएगी ताकि गीता जयन्ती उत्सव में समस्त हरियाणा की भागीदारी सुनिश्चित हो तथा वह छात्र अपने जिले में जाकर अनुभव बांट सके ।
उन्होंने बताया कि गीता जयन्ती के प्रचार प्रसार के लिए हरियाणा लोक सम्पर्क विभाग व पर्यटन विभाग के माध्यम से हरियाणा के विभिन्न भागों से जा रहे मुख्य मार्गो पर होर्डिंग/फलेक्स लगाए जा रहे है । इस बार कुछ संस्थाआें ने अपने स्तर पर गीता जयन्ती के प्रचार प्रसार के लिए होर्डिंग लगवाए हैं। आम आदमी की जानकारी के लिए प्रतिदिन होने वाले कार्यक्रमों की सूचना समाचार पत्रों में हैंड बिल/पम्फलेट के माध्यम से देने का प्रयास किया गया है,  जिसमें सभी बैंको का सहयोग मिला है, विशेषकर पंजाब नैशनल बैंक ने काफी सहयोग दिया है । क्राफ्ट मेले में लगभग 250-300 शिल्पकारो के भाग लेने की संभावना है, जिसमें राष्ट्रीय/राज्य सरकार द्वारा सम्मानित शिल्पी भी शामिल है । क्राफ्ट मेले में जनता के मनोरंजन के लिए कुरुक्षेत्र तथा कुरुक्षेत्र से बाहर पिहोवा, ज्योतिसर तथा पांडु पिंडारा, जींद में भी  सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए उतरी क्षेत्रिय सांस्कृतिक केन्द्र के लोक नतृक/गायक अपने हुनर बिखेरेंगे । गत कई वर्षो से महाराष्ट्र की रंगोली व पेन्टिंग मेले का मुख्य आकर्षण रहती है । इस वर्ष भी महाराष्ट्र से लगभग 10 कलाकार अपनी रंगोली से अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे तथा ब्रह्मसरोवर के तट पर देश के विभिन्न स्थानो से आए राष्ट्रीय/राज्य पुरूस्कृत पेंटर महाभारत/गीता के उपर अपने चित्र बनाएंगे, जिनको आम जनता के लिए प्रदर्शित किया जाएगा। इस बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त सुमेधा कटारिया, कुरूक्षेत्र विकास बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अशोक बंसल, जिला सूचना एवं लोक संपर्क अधिकारी देवराज सिरोहीवाल,कुरूक्षेत्र विकास बोर्ड सचिव उपेश कुमार उपस्थित थे।



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पुलिस अधीक्षक पारुल कुश जैन ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से मेले के दौरान बाहर से आने वाले लोागों के लिए सी सी टी वी कैमरों से नजर रखी गई है और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस के सहयोग के लिए सिक्योरिटी की अस्थाई तौर पर व्यवस्था की गई है । गीता जयंती मेले के दौरान सुबह 8 बजे से लेकर रात के 8 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंन्ध लगाया गया है ताकि दूर दराज से आने वाले दर्शकों को कोई परेशानी का  सामना न करना पडें।  ब्रहमसरोवर के गेटों पर स्पेशल पुलिस कर्मियों को तैनात किया जा रहा है।




सोमवार, 28 नवंबर 2011

एलर्जी क्या है: डॉ. ऋषि पाल गुप्ता एम बी बी एस, एम एस-ई एन टी, एआईआईएमएस अग्रवाल नर्सिंग होम, सलारपुर रोड़ कुरुक्षेत्र


एलर्जी क्या है: डॉ. ऋषि पाल गुप्ता

हर मानव शरीर में प्रतिरोधक क्षमता होती है जिसे इम्यून सिस्टम कहते हैं। जब कभी बाह्य कण जैसे कीटाणु वायरस,रसायन धूल मिट्टी आदि हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं तो शरीर की यही प्रतिरोधक शक्ति उक्त कणों से हमारे शरीर में होने वाले नुुकसान को रोकती है। परन्तु जब बार-बार ये कण हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं तो हमारा इम्यून सिस्टम अति संवेदनशील हो जाता है इसी प्रतिक्रिया को एलर्जी कहते हैं।
एलर्जी शरीर के किसी भी अंग को प्रभावित करती है परन्तु मुख्यतया यह नाक, ऑंख व चमड़ी को प्रभावित करती है।
नाक की एलर्जी (एलर्जिक राइनाइटिस):-नाक की एलर्जी की कोई आयु सीमा नहीं होती ये 6 महीने के बच्चे से लेकर 70 साल तक के व्यक्ति को भी हो सकती है। आम सर्दी या जुकाम एलर्जिक राइनाइटिस नहीं है यह सामान्यत: वाइरल इन्फेकशन के कारण होता है आपको सर्दी के लक्षण हैं और अगर 7 से 10 दिन तक बने रहते हैं तो इसका मतलब है आप एलर्जिक राइनाटिस से पीडि़त हैं।
एलर्जिक राइनाटिस के प्रकार:-
1. मौसमी एलर्जिक राइनाइटिस यह वर्ष के विशेष समय में ही होता है।
2.  स्थाई एलर्जिक राइनाइटिस यह पीडि़त व्यक्ति को साल भर सताता है तथा मौसम के साथ नहीं बदलता है। किसी खास मौसम में तो यह और बदतर हो सकता है।

लक्षण:-
10-12 बार लगातार छींकना, नाक से पानी आना, नाक बंद हो जाना, नाकमें खुजली होना, सांस लेने में तकलीफ महसूस करना, आंखों व गले में खुजली होना, आंखे लाल हो जाना व पानी आना,संूघने की शक्ति कम होना, लम्बे समय तक खांसी होना, गले में कफ जमना एवं कानों में भारीपन होना और कम सुनना।
क्या एलर्जिक राइनाइटिस जानलेवा हो सकता है?हालांकि शुरुआती दौर में एलर्जिक राइनाइटिस जानलेवा नहीं होता है। इससे सही नींद नहीं आती, स्कूल या कार्यस्थल पर काम में गड़बड़ हो जाती है तथा चेहरे पर परेशानी के भाव दिखने लगते है। बंद नाक, बहती नाक, छींकती नाक तथा लगातार खुजलाती नाक से आपकी जिंदगी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जो अंततोगत्वा आपकी सामाजिकजिंदगी पर भी बुरा असर ड़ालने लगता है। कभी-कभी एलर्जिक राइनाइटिस से अन्य कई परेशानियां भी पैदा हो सकती हंै, खासकर बच्चों में। इससे उनके कान में इन्फेक्शन हो सकता है। ठीक से न संूघना या ठीक से स्वाद न आना जैसी कई परेशानियां एलर्जिक राइनाइटिस की वजह से पैदा हो सकती हैं।

एलर्जिक राइनाइटिस का उपलब्ध इलाज---एलर्जिक राइनाइटिस का इलाज आम तौर पर एंटीहिस्टामिन्स से किया जाता है। एंटीहिस्टामिन्स सबसे पहले हिस्टामिन के असर को रोकता है जिससे छींकना तथा नाक का बहना रुक जाता है। लेकिन एंटीहिस्टामिन्स बंद नाक में राहत नहीं पहुंचा सकती है, बंद नाक का इलाज सामान्यत: डिकंजेस्टेन्ट से किया जाता है, जो नाक के अंदर की नसों को सिकोड़ देता है,ये डिकंजेस्टेन्ट (मुंह से खाने वाली दवाई) तथा नेजल ड्राप के रूप में मिलता है लेकिन न तो वे एजर्ली के इलाज में सक्षम हैं और न ही संूघने की खत्म हो गई शक्ति को सुधार सकते हैं। वास्तव में इन दवाईयों का अत्याधिक प्रयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि दवा बंद या खत्म होने पर नाक में बदतर जकडऩ हो सकती है। अन्य इलाजों में इम्यूनोथरेपी या सोडियम क्रोमागलाइकेट(दिन में 4-6 बार करने पर ही असरकारक) शामिल है।
नाक जकडऩ तथा एलर्जी व सम्बंधित लक्षणों में राहत पहुंचाने का सबसे असर कारक इलाज है इन्ट्रा-नेजल कांर्टियॉरिटरार्डड्रस (आइएनएस) जो एलर्जिक राइनाइटिस की सभी परेशानियों का इलाज करता है अगर निर्देशों के अनुसार इस्तेमाल किया जाए तो (दिन में 1-2 बार) आइएनएस सबसे प्रभावी ढंग से काम करता है।

एलर्जी को कैसे टाला जाए -अगर बाहर हवा चल रही है तो खिड़कियां बंद रखें, खासकर गर्मी और खुष्क दिनों में।
फर्नीचर को हल्के गीले कपड़े और फर्श को गीले पोचे से साफ करें।
उन दरियों को हवा दे जिन में धूल बैठती है, फर्श को खुला रखें।

फूलों का पराग :-हवा के मौसम में खिड़कियों को बंद रखें, खासकर दोपहर में जब हवा में ज्यादा पराग होता है।
घर के अन्दर फूलों वाले पौधे या ताजे फूलों को न रखें।
अगर आपका पालतू जानवर है तो उसे किसी को दे दो।
उसे अपने कमरे सोने के कमरे से हमेशा बाहर रखें और सप्ताह में कम से कम एक बार अवश्य नहलायें।

ठण्डी हवा या मौसम में बदलाव-
अपने नाक मुंह को रूमाल से ढक कर रखें।
जाड़ों/सर्दी में या हवा के दिनों में गरम कपड़े पहनें।
अपने नाक और मुंह को रूमाल या पतले कपड़े से ढकें।
सिगरेट न पिएं और न ही घर केअंदर किसी को सिगरेट पीने दें।

व्यायाम -ये पक्का तय कर लें कि ज्यादा व्यायाम से पहले वार्म अप और व्यायाम के बाद कूलडाउन करें।
तेज महक जैसे परफ्यूम, रंग, खाने के मसाले- इनकी सीधी गन्ध से बचने के लिए अपने नाक, मुंह को रूमाल या पतले कपड़े से ढक कर रखें।
महत्वपूर्ण जानकारी- नेजल स्प्रे को लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर किसी प्रकार की कोई भी हानि नहीं होती और सबसे सुरक्षित माने जाते हंै, यह बच्चों को भी लंबे समय तक दिये जा सकते हैं।

डॉ. ऋषि पाल गुप्ता,
एम बी बी एस, एम एस-ई एन टी, एआईआईएमएस
अग्रवाल नर्सिंग होम, सलारपुर रोड़ कुरुक्षेत्र
मोबाईल 09812334543

कुरुक्षेत्र उत्सव गीता जयंती समारोह में 3 दिसम्बर को अनुराधा पौंडवाल --4 दिसम्बर को कार्यक्रमों में राष्ट्रीय स्तर के कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे प्रसिद्ध गायक श्री हंसराज हंस

अशोक यादव  कुरुक्षेत्र, 28 नवम्बर





कुरुक्षेत्र उत्सव गीता जयंती समारोह में 2 से 6 दिसम्बर तक पुरुषोत्तमपुरा बाग में नृत्य नाटिका, भक्ति गीतों, सुफियाना गायन तथा भजन संध्या  कार्यक्रमों में राष्ट्रीय स्तर के कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। हरियाणा के राज्यपाल श्री जगन्नाथ पहाडिय़ा 2 दिसम्बर को गीता जयंती समारोह का उदघाटन करेंगे तथा शाम को पुरुषोत्तमपुरा बाग में वृंदावन के ब्रज लोक कला मंच की प्रस्तुति महारासलीला दर्शन में मुख्य अतिथि होंगे तथा 6 दिसम्बर को मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा दीपदान समारोह व कर्ण डांस ड्रामा में मुख्य अतिथि होंगे।
उपायुक्त श्री मंदीप सिंह बराड़ ने बताया कि 3 दिसम्बर को अनुराधा पौंडवाल द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली भजन संध्या में हरियाणा की मुख्य सचिव श्रीमती उर्वशी गुलाटी मुख्य अतिथि होंगी।  4 दिसम्बर को प्रसिद्ध गायक श्री हंसराज हंस द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले सुफियाना गायन में हरियाणा के वित्त मंत्री सरदार हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। उन्होंने बताया कि 5 दिसम्बर को अन्वेषणा डांस थियेटर दिल्ली द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले महाभारत पर आधारित डांस ड्रामा में सांसद श्री नवीन जिंदल मुख्य अतिथि होंगे। 
उपायुक्त ने बताया कि कुरुक्षेत्र उत्सव गीता जयंती समारोह में पुरुषोत्तमपुरा बाग में प्रात: 11 बजे होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में 3 दिसम्बर को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय एवं शिक्षा विभाग हरियाणा द्वारा कार्यक्रम पेश किए जाएंगे, जिसमें डा. शशि कालिया मुख्य अतिथि होंगे।  4 दिसम्बर को मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम में गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं तकनीकी विश्वविद्यालय हिसार के कुलपति डा. एमएल रंगा मुख्य अतिथि होंगे।  5 दिसम्बर को उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र पटियाला द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डा. डीडीएस संधु मुख्य अतिथि होंगे।  6 दिसम्बर को सूचना, जन सम्पर्क एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें शाहाबाद के विधायक अनिल धंतौड़ी मुख्य अतिथि होंगे। 

हजारों टन आलू कोल्ड स्टोर मालिकों ने सड्कों पर फेंक डिया आलू की मांग भी पूरे विश्व मे होती है आलू को कोल्ड स्टोर के बाहर ही कूड़े मे फेंक रहा है किसानों का कहना है की सरकार ने आलू के निर्यात पर पाबन्दी लगा रखी है जिससे आलू की ये दुर्गति हुई है





ASHOK YADAV KURUKSHETRA

आलू एक ऐसी सब्जी है जिसका प्रयोग पूरी विश्व मे होता है सब्जियों का राजा है आलू , इसलिए  आलू की मांग भी पूरे विश्व मे होती है लेकिन कुरुक्षेत्र जिले मे हजारों टन आलू कोल्ड स्टोर मालिकों ने सड्कों पर फेंक डिया है ये आलू किसानों और व्यापारियों द्वारा पिछ्ले ६ महीनों से  कोल्ड स्टोर मे इस लिए रखा गया था ताकि  कीमते  बढ्ने पर वो अपना आलू बेच देंगे लेकिन आलू की नई फसल आ गई ओर इस समय कुरुक्षेत्र के पुराने आलू की कीमत है ७० पैसे प्रति  किलो जबकी कोल्ड स्टोर का भाडा और लेबर बनती है करीब १ रुपया प्रति  किलो ,इसके इलावा  किसानों की मेहनत , लागत सब अलग आलम ये है की किसान अपने आलू को कोल्ड स्टोर के बाहर ही कूड़े मे फेंक रहा है किसानों का कहना है की सरकार ने आलू के निर्यात पर पाबन्दी लगा रखी है जिससे आलू की ये दुर्गति हुई  है , 
 आमदनी अठ्नी खर्चा रुपया , कुछ इसी तरह से हो रहा है हरियाणा में किसानो के साथ ओर आलू व्यापारियों के साथ , हजारो  किवंटल आलू कोल्ड स्टोरों के बहार फेका जा रहा है , जिस आलू को सब्जी के रूप में आप  की रसोई में होना चाहिए  था , वही अब सड़ रहा है किसान ओर आलू व्यापारी उससे अपने पास रखना नहीं चाहते कारण साफ है एक बोरी ( ५० किलो ) आलू की स्टोर में रखने का करीब ८०  -८५ रूपये किराया  देना पड़ता है ,कोल्ड स्टोर में  रखा इसलिए जाता है ताकि समय आने पर सही भाव मिल जाये ओर इतने दिन आलू सुरक्षित रहे , लेकिन आलू  का बाजार भाव इस समय   एक बोरी का ( ५० किलो ) करीब ५० रूपये  उपर से करीब २० रूपये बोरी के हिसाब से लेबर भी देनी पड़ती है अगर उसे मण्डी में उठा कर बेचा जाये , ऐसे में जिन किसानो ने ओर जिन आलू व्यापारियों ने अपना आलू कोल्ड स्टोरों में रखा हुआ था ओर उसे बहार फेकना बेहतर समझ रहे है , 

किसानो को ओर आलू व्यापारियों को उमीद थी की आलू का एक्सपोर्ट होगा ओर उनके आलू की मांग बढ़ेगी लेकिन उनके सपनो पर पानी फिर गया  ओर सब्जियों का राजा आलू सडक पर आ गया , व्यापारी ओर किसान  तो इसके लिए सरकार की नीतियों को जिमेवार  मान रहे है , अक्सर खुर्खियो में रहता है सब्जियों के भाव आसमान पर हफ्ता भर में सब्जियों के दाम दुगने  हुए , लेकिन आज आलू की दुर्गति सबके सामने है , हर सब्जी  का साथ देने वाले  आलू का आज कोई साथ नहीं दे रहा है उसे अपने पास  रखना महगा पड़ रहा है किसानो को व्यापारियों को  , स्टोर के बहार हजारो किवंटल आलू सड़ रहा है जिसका कोई वारिस नहीं है , 

ब्रहमसरोवर तट पर स्थित जयराम आश्रम के अंदर अब आपको माता वैष्णो देवी, बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री के दर्शन होगें ---गुफा में पुजारी भी पूजा करते हुए नजर आएंगे व सुबह-शाम को आरती का विशेष प्रबन्ध होगा श्रद्वालु अपनी इच्छा के अनुसार कभी भी जयराम आश्रम में आकर चारों धाम का नजारा ले सकता है।


 अशोक यादव

कुरुक्षेत्र 28 नवम्बर







ब्रहमसरोवर तट पर स्थित जयराम आश्रम के अंदर अब आपको माता वैष्णो देवी, बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री के दर्शन होगें। इसके लिए श्रद्वालुओं को अभी दो दिन का इंतजार करना होगा।
श्रीजयराम संस्थाओं के संचालक एवं उत्तरांचल संस्कृत यूनिवर्सिटी के संस्थापक कुलपति ब्रह्स्वस्वरुप ब्रह्मचारी ने जयराम आश्रम में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जयराम आश्रम के भूमिगत हिस्से में मां वैष्णो देवी की गुफा तैयार की गई है जिसमें अर्धकुंवारी दर्शन, सात देवियां, मां भगगवती की तीन पिंडियां और भौरव मंदिर के दर्शन होगें। इसी गुफा के अंदर कैलाशपति शिव के दर्शन भी होगें जो पूरी तरह बर्फ से ढका होगा और बर्फ गिरने के दृश्य भी  दिखाई देगें। उन्होंने बताया कि यहां पर मां वैष्णो देवी के दर्शन के साथ-साथ चारों धाम के दर्शन भी होगें जिसे उड़ीसा के कलाकार अंतिम रुप देने में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री के दर्शन खुलने के लिए श्रद्वालुओं को इंतजार नहीं करना होगा क्योंकि बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री के कपाट अधिक ठंड पडऩे के बंद कर दिए जाते है मगर यहां पर ऐसा नहीं होगा श्रद्वालु अपनी इच्छा के अनुसार कभी भी जयराम आश्रम में आकर चारों धाम का नजारा ले सकता है।


श्रीजयराम संस्थाओं के संचालक एवं उत्तरांचल संस्कृत यूनिवर्सिटी के संस्थापक कुलपति ब्रह्स्वस्वरुप ब्रह्मचारी ने ने बताया कि मां वैष्णो देवी की गुफा में मां की पिंडी के लिए एक विशेष जोत जो जम्मू कश्मीर  से माता के दरबार से विशाल जोत जलाकर लाई जाएगी इसके लिए विशेष प्रबन्धक किए जा रहे है। जिसका स्वागत भी बंैड बाजों के साथ किया जाएगा और उस जोत को मां वैष्णो देवी की गुफा में रखा जाएगा। गुफा में पुजारी भी पूजा करते हुए नजर आएंगे व सुबह-शाम को आरती का विशेष प्रबन्ध होगा। उन्होंने बताया कि मां वैष्णो देवी की गुफा में इस गुफा में अभी तक 50 लाख रुपए खर्च किए जा चुके है जिसके अंदन रंग बिरंगी लाईटें भी आकर्षक का केन्द्र होगी। देश -विदेश से आने वाले श्रद्वालुओं के लिए गीता जयंती में यह एक विशेष तोहफा होगा।